भाषा

कॉल

/content/dam/tataaialifeinsurancecompanylimited/navigations/new-call-us/Close.png

starमौजूदा पॉलिसी के लिए

प्रीमियम, भुगतान या किसी सर्विसिंग आवश्यकता पर प्रश्न हैं?

हमें कॉल करें:

Call Icon 1860 266 9966

समर्पित एनआरआई हेल्पडेस्क:

Call Icon +91 22 6251 9966

सोमवार - शनिवार | भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक
कॉल शुल्क लागू

Plus Iconनई पॉलिसी के लिए

क्या आप नई पॉलिसी ऑनलाइन खरीदना चाहते हैं?

भारतीय निवासियों के लिए

Call Icon +91 22 6984 9300

कॉल बैक के लिए मिस्ड कॉल दें:

Call Icon +91 11 6615 8748

सोमवार - रविवार | भारतीय समयानुसार सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक

विशेष रूप से एनआरआई के लिए

इंटरनेट कॉल आरंभ करें

डेटा शुल्क लागू हो सकते हैं

समर्पित एनआरआई हेल्पडेस्क:

call +91 11 4473 0242

सभी दिन उपलब्ध | 24 x 7

Back Arrow Icon
Close Button
Back Arrow Icon
Close Button

क्या सही बीमा योजना चुनने में सहायता की आवश्यकता है? हमारे विशेषज्ञ से कॉल करें।

क्या सही बीमा योजना चुनने में सहायता की आवश्यकता है? हमारे विशेषज्ञ से कॉल करें।

+91 dropdown arrow

टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड आपको आपकी पॉलिसी, नए उत्पादों और सेवाओं, बीमा समाधान या संबंधित जानकारी पर अपडेट भेजेगी। ऑप्ट-इन करने के लिए यहां चयन करें. नियम एवं शर्तें लागू.

भारत में आईटीआर (इनकम टैक्स रिटर्न) फाइल करने के क्या फायदे हैं?

13-10-2022 |

भारत में कमाई करने की क्षमता वाले हर व्यक्ति को अपने टैक्स का भुगतान करना पड़ता है और हर वित्तीय वर्ष में अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना पड़ता है. एक वित्तीय वर्ष अप्रैल में शुरू होता है और मार्च में खत्म होता है, लेकिन सरकार आईटीआर फाइल करने की तारीखों को जुलाई और दिसंबर तक बढ़ा देती है. इस साल (2021—2022), इनकम टैक्स* फाइल करने की नियत तारीख 31 दिसंबर 2021 थी और एक्सटेंडेड तारीख 31 जुलाई 2022 है.
 

सैलरी लेने वालों, सेल्फ-एम्प्लॉयड, बिजनेस पर्सन, फ़्रीलांसर, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), और यहाँ तक कि कंपनियों को भी इनकम टैक्स* नियमों के मुताबिक इनकम टैक्स फाइल करना होगा. सरकार यह कहते हुए इनकम टैक्स रिटर्न के महत्व पर ज़ोर देती है कि ₹2,50,000 से अधिक की सालाना इनकम वाले किसी भी व्यक्ति को अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना चाहिए, भले ही ₹5,00,000 से कम इनकम वाले लोग टैक्स* छूट के जरिए अपना इनकम टैक्स* वापस पा सकते हैं.
 

इसके अलावा, वे उन लोगों को भी निर्देश देते हैं जिनकी सालाना इनकम ₹2,50,000 से कम है, क्योंकि अतिरिक्त आईटीआर बेनिफिट्स के कारण, वे अपना इनकम टैक्स फाइल करें. टैक्स रिटर्न का महत्व और समय पर आईटीआर फाइल करने के फायदों के बारे में और जानने के लिए आगे पढ़ें.
 

आईटीआर फाइल करने के फायदे
 

आईटीआर फाइल करने के ये फायदे हैं:
 

  • टैक्स* का क्लेम करना कटौती/ छूट

    आईटीआर फाइल करने के सबसे लोकप्रिय फायदों में से एक है टैक्स* कटौती/ टैक्स* छूट जिसका आप हर साल क्लेम कर सकते हैं. अगर आपकी टैक्स योग्य इक्नोमे एक साल में ₹5,00,000 से कम है, तो सालाना टैक्स स्लैब के मुताबिक, आप इनकम फाइलिंग के दौरान स्रोत पर काटे गए टैक्स* (टीडीएस) का क्लेम कर सकते हैं.

    भले ही आपकी टैक्स* देनदारी शून्य हो, फिर भी आपको नियमों के मुताबिक नियत तारीख से पहले अपना इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा. यहां तक कि जो लोग फ़ॉर्म 4 के तहत टैक्स फाइल करते हैं, जैसे आर्किटेक्ट, डॉक्टर और वकील, अपनी इनकम का 50% प्रॉफिट के रूप में क्लेम करते हैं और अगर इनकम ₹50 लाख से कम है, तो इनकम टैक्स रिटर्न के बेनिफिट्स का क्लेम करते हैं.

  • क्विकर लोन एप्लीकेशन अप्रूवल

    बैंक और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस अक्सर किसी लोन एप्लीकेशन के दौरान इनकम प्रूफ के तौर पर पिछले साल की या तीन साल की आईटीआर रसीद मांगते हैं. इनकम का प्रूफ एक शक्तिशाली सहायता दस्तावेज़ के रूप में काम करता है और यह बताता है कि उधारकर्ता की समय पर लोन चुकाने की क्षमता और मौजूदा वित्तीय स्थिति स्थिर है या नहीं.

    होम लोन, वाहन लोन, स्टूडेंट लोन, क्रेडिट कार्ड एप्लीकेशन आदि जैसे लोन के दौरान इसका मुख्य महत्व है. सैलरीड और सेल्फ-एम्प्लॉयड दोनों व्यक्तियों को इसका फायदा मिलता है क्योंकि कभी-कभी लोन जारी करने के लिए इनकम टैक्स दस्तावेज़ अकेले ही पर्याप्त होते हैं. एक ज़रूरी दस्तावेज़ जो पूछा जाता है, वह है आपकी इनकम का प्रूफ.

  • विदेश जाने के लिए तेज़ वीज़ा मंज़ूरी

    वित्तीय क्षमता के प्रमाण के तौर पर इनकम टैक्स* रसीदें दिए बिना वीज़ा पाना लगभग असंभव है. इनकम टैक्स रिटर्न का एक मुख्य फायदा यह है कि वे आपके वीज़ा अप्रूवल की संभावनाओं को बढ़ा देते हैं.

    कई विदेशी देशों जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ़्रांस और अन्य देशों के लिए इनकम टैक्स* फ़ाइल करने की ज़रूरत होती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आपके पास यात्रा का खर्च वहन करने और ठहरने के लिए पैसे जुटाने की वित्तीय क्षमता है या नहीं. ज़्यादातर एम्बेसी अक्सर आईटीआर फाइलिंग को यह स्थापित करने के तरीके के रूप में देखते हैं कि आप भारत में अच्छी तरह से कार्यरत हैं और एक संक्षिप्त दौरे के बाद अपने जीवन को जारी रखने के लिए वापस आ रहे हैं.

  • बाद के वर्षों में होने वाले नुकसानों की भरपाई करना

    अगर किसी कंपनी या बिजनेस को वित्तीय वर्ष के दौरान किसी भी समय मोनेटरी नुकसान होता है, तो वे आने वाले सालों में इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग के जरिए अपने नुकसान को आगे बढ़ा सकते हैं. इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 70 और 71 के तहत, नुकसान को बाद के मूल्यांकन/ वित्तीय वर्ष में फ़ॉरवर्ड करने के स्पष्ट प्रावधान हैं.

    नुकसान में बिजनेस से होने वाले नुकसान या घरेलू संपत्तियों से होने वाले नुकसान शामिल हो सकते हैं. असल में, आप 8 आकलन वर्षों के लिए मकान की संपत्ति से होने वाले नुकसान को कैर्री फोरवोर्ड बढ़ा सकते हैं. हालाँकि, इस बेनिफिट का क्लेम करने के लिए, आपको तय तारीख से पहले इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा. आपको आईटीआर फाइलिंग में देर नहीं करनी चाहिए.

  • पेनल्टी और पनिशमेंट से बचना

    जब आप देरी करते हैं या अपना इनकम टैक्स फाइल नहीं करते हैं, तो आपको कुछ पेनल्टी लग सकती हैं. उदाहरण के लिए, किसी खास वित्तीय वर्ष की नियत तारीख के बाद आईटीआर फाइल करने और टैक्स रिटर्न फाइल करने में देरी करने पर, आपको ब्याज़ के तौर पर ₹10,000 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है.

    एक्ट की धारा 234B के तहत, अगर किसी टैक्सपेयर ने समय पर टैक्स* का भुगतान नहीं किया है या अपनी टैक्स* देनदारी का 90% से कम भुगतान नहीं किया है, तब तक वे टैक्स* फाइलिंग पूरी करने की तारीख तक 1% प्रति माह की दर से ब्याज़ का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होंगे.

  • इनकम और एड्रेस प्रूफ

    कई वित्तीय विशेषज्ञ टैक्स देने की सलाह देते हैं, भले ही आपकी इनकम एक साल में ₹2,50,000 से कम हो. ऐसा इसलिए क्योंकि आप आईटीआर फाइल करने के कई फायदों को अनलॉक कर सकते हैं. ऐसा इसलिए है, क्योंकि यह एक मूल्यवान कानूनी दस्तावेज़ के रूप में काम करता है और इनकम के प्रूफ के अलावा पहचान और एड्रेस प्रूफ के रूप में भी काम करता है. यह आधार कार्ड या प्रॉपर्टी खरीदने जैसे सरकारी दस्तावेज़ों के लिए आवेदन करते समय आपकी मदद कर सकता है.

  • लाइफ इंश्योरेंस टैक्स* बेनिफिट


    लाइफ इंश्योरेंस के टैक्स बेनिफिट्स में से एक यह है कि आप लाइफ इंश्योरेंस प्लान जैसे टर्म इंश्योरेंस, सेविंग इंश्योरेंस प्लान आदि के ज़रिये टैक्स* कटौती का क्लेम कर सकते हैं. आप सेक्शन 80C के तहत किसी भी प्रकार के लाइफ इंश्योरेंस के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम में से एक वर्ष में 1,50,000 तक का क्लेम कर सकते हैं.

    आपको मिलने वाले मैच्योरिटी से होने वाले प्रोसीड्स या डेथ बेनिफ़िट पर भी सेक्शन 10 (10D) के तहत टैक्स छूट मिलती है. इसके अलावा, आपको इंश्योरेंस कवर की सुरक्षा मिलती है और कभी-कभी, सेविंग और वेल्थ क्रिएशन के दोहरे फायदे भी मिलते हैं. आप अपनी ज़रूरतों के हिसाब से बनाई गई टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी चुन सकते हैं.

निष्कर्ष


जो लोग इनकम टैक्स स्लैब के दायरे में आते हैं, उनके लिए इनकम टैक्स देना अनिवार्य है. देश के प्रति यह नागरिक का कर्तव्य भी है कि वह टैक्स चुकाए क्योंकि यह इसके विकास में योगदान देता है. कई विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बिना किसी टैक्स* देयता के भी, आपको बहुत से फ़ायदे पाने के लिए समय पर आईटीआर फाइल करना चाहिए.

L&C/Advt/2023/Jul/2063

टैक्स बचाने के लिए वित्तीय समाधान ढूंढ रहे हैं? हमारे विशेषज्ञ से बात करें

+91 dropdown arrow
  • +93 Afghanistan

टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड आपको आपकी पॉलिसी, नए उत्पादों और सेवाओं, बीमा समाधान या संबंधित जानकारी पर अपडेट भेजेगा। ऑप्ट-इन करने के लिए यहां चुनें।


 

क्या आप नया इंश्योरेंस प्लान खरीदना चाहते हैं?

हमारे एक्सपर्ट्स को आपकी मदद करने दें!

+91

प्लान चुनें
  • टर्म प्लान
  • सेविंग प्लान
  • रिटायरमेंट प्लान
  • वेल्थ प्लान
  • मुझे नहीं पता/मुझे मदद चाहिए

टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड आपको आपकी पॉलिसी, नए उत्पादों और सेवाओं, बीमा समाधान या संबंधित जानकारी पर अपडेट भेजेगा. ऑप्ट-इन करने के लिए यहां चुनें.

लोग ऐसे ब्लॉग भी पढ़ना पसंद करते हैं

NRI प्रवासी पेंशन योजना: पात्रता और आवेदन प्रक्रिया - Tata AIA
और पढ़ें
बीमा रहित होने के परिणाम - Tata AIA Life Insurance
और पढ़ें
जीवन बीमा पॉलिसी के जरिए टैक्स कैसे बचाएं? - Tata AIA Life Insurance
और पढ़ें
7 रिलेशनशिप टिप्स - ये चीज़ें हर जोड़े को शादी से पहले एक साथ करनी चाहिए - Tata AIA Life Insurance
और पढ़ें
धन प्रबंधन युक्तियाँ - जाने निवेश का सबसे अच्छा तरीका और स्मार्ट चीज़े - Tata AIA
और पढ़ें
अनिश्चित भविष्य के लिए फाइनेंशियल प्लान बनाने के 4 तरीके
और पढ़ें
भारत का यूनियन बजट — यह इतना ज़रूरी क्यों है?
और पढ़ें
आपके बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए एक फाइनेंशियल प्लानिंग - Tata AIA
और पढ़ें
अत्यधिक सफल लोगों के 5 सबसे आम फाइनेंशियल प्लानिंग पछतावे - Tata AIA Life Insurance
और पढ़ें
सीखिए वित्तीय अनिश्चितता से निपटने के पाँच तरीके - Tata AIA Life Insurance
और पढ़ें

लोग ऐसे ब्लॉग भी पढ़ना पसंद करते हैं

NRI प्रवासी पेंशन योजना: पात्रता और आवेदन प्रक्रिया - Tata AIA
और पढ़ें
बीमा रहित होने के परिणाम - Tata AIA Life Insurance
और पढ़ें
जीवन बीमा पॉलिसी के जरिए टैक्स कैसे बचाएं? - Tata AIA Life Insurance
और पढ़ें
7 रिलेशनशिप टिप्स - ये चीज़ें हर जोड़े को शादी से पहले एक साथ करनी चाहिए - Tata AIA Life Insurance
और पढ़ें
धन प्रबंधन युक्तियाँ - जाने निवेश का सबसे अच्छा तरीका और स्मार्ट चीज़े - Tata AIA
और पढ़ें
अनिश्चित भविष्य के लिए फाइनेंशियल प्लान बनाने के 4 तरीके
और पढ़ें
भारत का यूनियन बजट — यह इतना ज़रूरी क्यों है?
और पढ़ें
आपके बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए एक फाइनेंशियल प्लानिंग - Tata AIA
और पढ़ें
अत्यधिक सफल लोगों के 5 सबसे आम फाइनेंशियल प्लानिंग पछतावे - Tata AIA Life Insurance
और पढ़ें
सीखिए वित्तीय अनिश्चितता से निपटने के पाँच तरीके - Tata AIA Life Insurance
और पढ़ें
Website Logo Image Icon

टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस

यह टाटा संस प्रा. लिमिटेड और एआईए ग्रुप लिमिटेड (एआईए) एक संयुक्त उद्यम है, टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस भारत में अग्रणी जीवन बीमा प्रदाताओं में से एक है. हम लाइफ इंश्योरेंस, टैक्स सेविंग और दूसरे विभिन्न विषय जैसे सेविंग और निवेश के बारे में भी यहाँ पोस्ट करते हैं जिसके बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए। आप टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस नॉलेज सेंटर में विभिन्न ब्लॉग, लेख और पेज देख और पढ़ सकते हैं या किसी भी पूछताछ या सवाल के बारे में हमसे संपर्क कर सकते हैं!

टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस के सभी पोस्ट देखें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना ज़रूरी है?

एक साल में ₹2.5 लाख से कम कमाई करने वालों के लिए टैक्स फाइल करना अनिवार्य नहीं है. हालांकि उनके लिए ऐसा करना समझदारी है. जिन लोगों की आय ₹5 लाख से कम है, उन पर कोई टैक्स* देनदारी नहीं हो सकती है, लेकिन उन्हें मौजूदा नियमों के मुताबिक टैक्स* फाइल करना होगा.

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल न करने के क्या नतीजे होते हैं?

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करने पर आपको कई तरह की पेनल्टी लग सकती हैं. अगर आपकी इनकम ज़्यादा है और टैक्स फाइल नहीं कर पाते हैं, तो आप इनकम टैक्स अधिकारियों के रडार पर आ जाते हैं और आपको ज़्यादा जुर्माना लग सकता है. आप इनकम टैक्स रिटर्न के कई बेनिफिट भी खो देते हैं, जैसे कि तुरंत वीज़ा मंज़ूरी, लोन मंज़ूरी, टैक्स* बचाने वाला लाइफ इंश्योरेंस, और अन्य.

अस्वीकरण

  • इस प्रॉडक्ट के तहत इंश्योरेंस कवर उपलब्ध है.
  • इन प्रोडक्ट्स को टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा अंडरराइट किया गया है.
  • ये प्लान्स गारंटीड जारी किए गए प्लान नहीं है, और वे कंपनी की अंडरराइटिंग और स्वीकृति के अधीन होंगे.
  • जोखिम वाले कारकों, नियमों और शर्तों के बारे में ज़्यादा जानकारी के लिए कृपया खरीदने से पहले सेल्स ब्रोशर को ध्यान से पढ़ें.
  • यह ब्लॉग केवल जानकारी और उदाहरण के उद्देश्यों के लिए है और किसी भी वित्तीय या निवेश सेवाओं का उद्देश्य नहीं है और किसी भी प्रस्ताव या सिफारिश का हिस्सा नहीं है. यह जानकारी निवेश सलाह या किसी ख़ास सुरक्षा या कार्रवाई के संबंध में सुझाव के तौर पर नहीं है और इसे किसी ख़ास सुरक्षा या कार्रवाई के बारे में सुझाव के तौर पर नहीं माना जाना चाहिए.
  • कृपया अपने इंश्योरेंस एजेंट या इंटरमीडियरी या इंश्योरेंस कंपनी द्वारा जारी पॉलिसी दस्तावेज़ से संबंधित जोखिमों और लागू शुल्कों के बारे में जानकारी लें.
  • यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाता है कि प्रकाशन की तारीख तक इस ब्लॉग में दी गई सभी जानकारी सही हो, हालाँकि, इस सामग्री से संबंधित किसी भी तरह के नुकसान (गलतियों और चूक सहित लेकिन इन्हीं तक सीमित नहीं) के लिए टाटा एआईए लाइफ की कोई ज़िम्मेदारी नहीं होगी.
  • *मौजूदा इनकम टैक्स कानूनों के अनुसार, इनकम टैक्स बेनिफिट मिलेंगे, बशर्ते कि उसमें निर्धारित शर्तो को पूरा किया जाए. इनकम टैक्स कानून बदलाव के अधीन हैं. टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड इस दस्तावेज़ में कहीं भी बताए गए टैक्स संबंधी प्रभावों के लिए ज़िम्मेदारी नहीं लेता है. आपके लिए उपलब्ध टैक्स बेनिफिट जानने के लिए कृपया अपने टैक्स सलाहकार से सलाह लें.